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पूरी दुनिया देख रही भारत की ताकत, 16 देशों ने मांगी LAC तेजस की जानकारी

नई दिल्ली: भारत में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी LCA तेजस एमके2 बनाने का काम जारी है। फिलहाल, इस रफ्तार को बढ़ाए जाने की योजना तैयार की जा रही है। खबर यह भी है कि दुनिया के 16 देशों ने तेजस के बारे में जानकारी मांगी है। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की तरफ से LCA MK2 को सितंबर में मंजूरी मिली थी। फिलहाल, इस लड़ाकू विमान की डिजाइन और विकास पर काम जारी है।

एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी में LCA MK2 प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉक्टर वी मधुसूदन ने कहा कि 16 देशों की तरफ से विमान को लेकर जारी पूछताछ के बीच केंद्र सरकार की तरफ से उत्पादन दर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अलावा अन्य एजेंसियों की भी पहचान की जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने कीमत में कमी और निर्यात के लिए बेहतर मौकों के लिए अच्छी कीमत सुनिश्चित करने की मांग की है। भारतीय वायुसेना से मिग-29, मिराज 2000 और जगुआर बेड़े के विमानों की विदाई के बाद LCA तेजस MK2 स्क्वाड्रन में उनकी जगह लेगा। राव ने बताया कि भारतीय वायुसेना को दो चरणों में इसके 10 स्क्वाड्रन मिलेंगे।

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राव का कहना है कि विमान दिसंबर 2023 तक सामने आ जाएंगे और इसके पहले प्रोटोटाइप की पहली उड़ान दिसंबर 2024 तक हो सकती है। इसके बाद तीन और प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2027 तक LCA मार्क2 की फ्लाइट टेस्टिंग के साथ डिजाइन और डेवलपमेंट का काम पूरा जाएगा। सभी चारों प्रोटोटाइप की टेस्टिंग के साथ ही भारतीय वायुसेना के लिए उत्पादन शुरू हो जाएगा।

अधिकारी ने जानकारी दी कि फ्लाइट टेस्टिंग से पहले डिजाइन के जरिए हथियारों के शुरुआती हिस्से को भी विमान में शामिल किया जाएगा। इनमें पंखों में मिसाइल, दो से चार BVR मिसाइल और स्मार्ट बॉम्ब शामिल हैं। खास बात है कि LCA तेजस के MK2 वर्जन में F414 जीई फाइटर जेट इंजन होंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक की तरफ से ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के बात इंजन का निर्माण पूरी तरह भारत में ही होगा।

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