रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत सुलेख लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

बरेली,20 सितम्बर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन एवं शुद्ध प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कल शनिवार को सुलेख लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लगभग 85 प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया।
सुलेख लेखन प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों में सुंदर, स्पष्ट, सुव्यवस्थित एवं शुद्ध लेखन की आदत विकसित करना, हिंदी भाषा के शुद्ध प्रयोग के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा सही वर्तनी, मात्रा, विराम चिह्न एवं भाषा-शैली के प्रति संवेदनशील बनाना है। सुलेख केवल सुंदर अक्षरों में लिखने की कला नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन, लेखन कौशल एवं भाषायी शुद्धता को भी अभिव्यक्त करता है। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एक समान गद्यांश दिया गया, जिसे उन्होंने अपनी सुंदर एवं स्पष्ट हस्तलिपि में लिखा। प्रतिभागियों द्वारा गद्यांश को लिखते समय अक्षरों की स्पष्टता, शब्दों की शुद्ध वर्तनी, मात्राओं का सही प्रयोग, विराम चिह्नों का उचित प्रयोग, शब्दों एवं पंक्तियों के बीच उचित अंतर, लेखन की एकरूपता तथा भाषा की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा गया। सरल, सहज एवं शुद्ध हिंदी भाषा में दी गई विषयवस्तु को निर्धारित समय में व्यवस्थित रूप से लिखना प्रतियोगिता का प्रमुख आधार रहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने संदेश दिया कि सुलेख लेखन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुंदर लेखन के साथ-साथ शुद्ध भाषा, सही वर्तनी, उचित मात्रा, स्पष्ट अक्षर, संतुलित लेखन तथा विचारों को व्यवस्थित रूप से अभिव्यक्त करने की क्षमता अच्छे लेखन की प्रमुख विशेषताएँ हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में भले ही लेखन के अनेक आधुनिक माध्यम उपलब्ध हैं, लेकिन हस्तलिखित लेखन का अपना विशिष्ट महत्व है। नियमित रूप से सुलेख का अभ्यास विद्यार्थियों में एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन और सूक्ष्म निरीक्षण की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा के नियमित एवं शुद्ध प्रयोग को अपनी दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक समन्वयक डॉ.ज्योति पाण्डेय ने बताया कि सुलेख लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह पूर्वक भाग लिया।
इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी मातृभाषा हिंदी को लिखने , पढ़ने और समझने के साथ सुंदर और शुद्ध रूप में लिखने की ओर भी प्रेरित हुए।अक्षरों की स्पष्टता, समान आकार, उचित शब्द- विन्यास, सही मात्रा एवं वर्तनी, पंक्तियों में संतुलन, उचित अंतराल, स्वच्छता तथा समग्र प्रस्तुतीकरण इसी प्रकार के अभ्यास से सीखा जाता है। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत सुलेख प्रतियोगिता के आयोजन में कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार सिंह,
समन्वयक प्रो. विजय बहादुर यादव, सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय के साथ निर्णायक मंडल के सदस्यों प्रो. रीना पंत एवं डॉ. इंदरप्रीत कौर का सहयोग रहा। प्रतियोगिता में में पूनम, पिंकी, सचिन, शिवानी, अर्चना ,साक्षी, तेजवती ,प्रियंका, माही, काव्यांश, सिंधु , विशेष , निलेश, नैना, भारती, हरभजन ,श्रुति, अजीत, प्रकाश, विशाल , शुचि , सबिया, शिवानी , मानसी, प्रियंका , केशव, अरीबा , रूमा, नेहा, सिमरन, राका, सुहानी आदि शामिल हुए। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की आ

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