महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने किया ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, महामहिम राज्यपाल के आह्वान पर सांस्कृतिक गौरव से रूबरू हुए विद्यार्थी

बरेली,01मई।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के आह्वान पर गुजरात स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक भ्रमण का आयोजन किया गया। माननीय कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह के कुशल निर्देशन तथा चीफ वार्डन एवं विभागाध्यक्ष (अनुप्रयुक्त दर्शन शास्त्र विभाग) प्रोफेसर ए.के. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों में निवास करने वाले छात्र-छात्राओं को देश की समृद्ध विरासत से परिचित कराया गया।
दिनांक 29 अप्रैल 2026 को आयोजित इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब के दर्शन किए, जहाँ उन्होंने धार्मिक सद्भाव और सेवा की परंपरा को समझा। इसके पश्चात विद्यार्थियों के दल ने नानक सागर डैम एवं पीलीभीत टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर प्राकृतिक संरक्षण और जैव-विविधता की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने बताया कि ऐसे आयोजनों से छात्रों के दृष्टिकोण में व्यापकता आती है और वे किताबी ज्ञान से परे व्यवहारिक जगत की बारीकियों को समझ पाते हैं। इस यात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने इस ज्ञानवर्धक अनुभव के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही चीफ वार्डन एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए.के. सिंह ने कहा कि माननीय राज्यपाल महोदय की प्रेरणा से तथा माननीय कुलपति महोदय के निर्देशन में आयोजित यह भ्रमण छात्रों को अपनी जड़ों और ऐतिहासिक गौरव से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को इन स्थलों पर ले जाने का उद्देश्य उनमें राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना है। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट


