महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में राज्यपाल के निर्देशों के क्रम में समीक्षा बैठक संपन्न

बरेली, 16 मई।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में कल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय राज्यपाल/कुलाधिपति महोदया की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठकों के सन्दर्भ में आयोजित की गई थी।

बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री हरीश चंद, परीक्षा नियंत्रक श्री संजीव कुमार सिंह, डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर एस.के. पांडे, प्रोफेसर विनय रिशिवाल, प्रोफेसर भोला खान, प्रोफेसर ओ.पी. राय सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यगण उपस्थित रहे।
कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने बैठक में प्राप्त पत्र के अनुसार सभी बिन्दुओं पर प्राचार्यगणों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी महाविद्यालय 20 एवं 21 मई 2026 को होने वाली बैठकों में शामिल होंगे, जहाँ उन्हें Power Point Presentation के माध्यम से निम्नलिखित बिन्दुओं पर प्रस्तुतीकरण देना है:
महाविद्यालय का संक्षिप्त परिचय, संकायों एवं विभागों की जानकारी
शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों का विवरण
छात्रों की प्रवेश स्थिति (संकाय/विषयवार एवं सेमेस्टरवार)
इन्फ्रास्ट्रक्चर (जियो टैग एवं कैप्शन सहित फोटो) – कैम्पस, कक्ष, प्रयोगशाला, खेल मैदान, हॉस्टल, गेस्ट हाउस, आवासीय भवन आदि
पिछले तीन वर्षों में शिक्षकों एवं छात्रों की उपलब्धियाँ (पुस्तक प्रकाशन, आर्टिकल, पेटेंट, शोध परियोजनाएँ)

सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाई-फाई सुविधा, सेमिनार/वेबिनार/कार्यशालाएँ
निर्माण कार्यों की जियो टैग फोटो
ईकिग / Accreditation की जानकारी
कुलपति महोदय ने इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्राचार्यगण उपरोक्त बिन्दुओं पर बढ़-चढ़कर कार्य करें, सभी प्रारूपण सही प्रकार से भरें और प्रेजेंटेशन तैयार कर लें।
प्रोफेसर सिंह ने कहा कि महाविद्यालय केवल पठन-पाठन का केन्द्र न रहकर समाज के उत्थान में सहायक होना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल महामहिम श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी महाविद्यालयों को बच्चों, समाज, देश एवं महिलाओं के उत्थान के लिए भी आगे आना चाहिए।
कुलपति ने कहा कि महाविद्यालय अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए समाज के गरीब एवं अक्षम लोगों के लिए विभिन्न योजनाएँ तैयार करें। इसके अलावा, नारी निकेतन, बाल सुधार गृह, वृद्धाश्रम, महिला स्वयं सहायता समूह आदि के कार्यकलापों को भी देखते हुए उनमें सुधार एवं सामाजिक चेतना जागृत करने के कार्य करने हेतु भी प्राचार्यगणों को प्रेरित किया गया।
बैठक में सभी प्राचार्यगणों ने कुलपति के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
