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होर्मुज पर ईरान की बढ़ती पकड़ रोकने के लिए अमेरिका का बड़ा एक्शन, तेहरान की नई एजेंसी पर लगाए प्रतिबंध

वाशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए एक और बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने इस बार ईरान की उस नई एजेंसी को निशाने पर लिया है, जो रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थी। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इस एजेंसी और उससे जुड़े लोगों पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।

अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक ईरान ने हाल ही में “पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी” नाम की एजेंसी बनाई थी। आरोप है कि यह एजेंसी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति देने और उन पर भारी शुल्क लगाने की योजना पर काम कर रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान प्रति जहाज करीब 20 लाख डॉलर तक वसूलने की तैयारी में था।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार पर दबाव बनाने की ईरान की कोशिश यह दिखाती है कि अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के कारण तेहरान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखेगा और उसके किसी भी दबदबे वाले कदम को स्वीकार नहीं करेगा।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में ईरान द्वारा इस क्षेत्र में नियंत्रण बढ़ाने की कोशिशों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ता है तो वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में और तेजी आ सकती है। कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति सीधे तौर पर इस मार्ग पर निर्भर है।

ईरान ने दी चेतावनी

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी कार्रवाई के बावजूद अपने रुख का बचाव किया है। उनका कहना है कि केवल उन्हीं समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाज सुरक्षित रहेंगे, जिन्हें ईरान ने निर्धारित किया है। ईरानी पक्ष ने चेतावनी दी कि तय रास्ते से हटने वाले जहाज हमलों या अन्य खतरों का सामना कर सकते हैं।

ट्रंप बोले- समझौता करीब, लेकिन अभी संतुष्ट नहीं

तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच समझौता होने की संभावना बनी हुई है, हालांकि अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार दिख रहा है, लेकिन अमेरिका अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। उन्होंने संकेत दिए कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका अपनी कार्रवाई को और आगे बढ़ा सकता है।

समुद्री प्रतिबंध जारी रखेगा अमेरिका

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरानी बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध तब तक जारी रहेंगे, जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता। वहीं अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने आत्मरक्षा के तहत ईरानी मिसाइल ठिकानों और ड्रोन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

वैश्विक बाजार और राजनीति पर असर

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण कई देशों की आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिका में भी बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है, खासकर मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

 

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