Tuesday, July 21, 2026
Latest:
Top Newsदेश

23 दिन बाद खत्म हुई AISA कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल, विपक्षी नेताओं और शबाना आज़मी-प्रकाश राज की अपील के बाद लिया फैसला

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र कार्यकर्ताओं ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया। विपक्षी सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई प्रमुख हस्तियों के प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद नेहा, आमीन और मनीष ने सोमवार (20 जुलाई) को भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर तीनों छात्र कार्यकर्ता लगातार 23 दिनों से अनशन पर थे। लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रहने के कारण उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ा था। इसी वजह से लगातार विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की जा रही थी।

प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद लिया गया फैसला

AISA के अनुसार, राज्यसभा सांसद मनोज झा, सांसद राजाराम सिंह और अमरा राम, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, प्रोफेसर अतुल सूद तथा अभिनेता प्रकाश राज और शबाना आज़मी सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। इसके बाद तीनों कार्यकर्ताओं ने अपना अनशन खत्म करने का निर्णय लिया।

जंतर-मंतर से सामने आई तस्वीरों में शबाना आज़मी एक छात्र कार्यकर्ता के गले में हाथ डाले मुस्कुराती नजर आईं। वहीं अभिनेता प्रकाश राज को नेहा को पानी पिलाते हुए देखा गया।

मनोज झा बोले- सरकार हर मोर्चे पर बेनकाब हुई

भूख हड़ताल समाप्त होने के मौके पर राज्यसभा सांसद मनोज झा ने प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि इस आंदोलन के जरिए सरकार हर मोर्चे पर बेनकाब हुई है।

वहीं सांसद राजाराम सिंह ने आंदोलन को संसद तक ले जाने का समर्थन करते हुए कहा कि अब लोकतंत्र के सदन में भी इस संघर्ष की गूंज सुनाई देगी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने विपक्ष के सभी दलों को संघर्ष का सही तरीका दिखाया है।

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा कि यह केवल भूख हड़ताल का अंत है, संघर्ष का नहीं। उनके मुताबिक आंदोलन की भावना आगे भी जारी रहेगी।

शबाना आज़मी ने शांतिपूर्ण विरोध को बताया संवैधानिक अधिकार

जंतर-मंतर पहुंचीं अभिनेत्री शबाना आज़मी ने कहा कि सभी लोग शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए हैं ताकि संविधान से मिले अधिकार का उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को अहिंसक और शांतिपूर्ण विरोध का रास्ता दिखाया था और उसी विचार के साथ सभी यहां पहुंचे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों का किसी भी प्रकार की हिंसा करने का कोई इरादा नहीं है और सभी लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं।

20 जून से जारी है प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 जून से जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी आंदोलन के तहत AISA के छात्र कार्यकर्ता नेहा, आमीन और मनीष भूख हड़ताल पर बैठे थे।

AISA का दावा है कि अनशन के दौरान तीनों छात्रों का वजन काफी कम हो गया था और उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। संगठन के अनुसार, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद तीनों छात्र आंदोलन में डटे रहे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी रही, जबकि कई विपक्षी नेताओं ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर अपना समर्थन दर्ज कराया।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------