गोंडा में 1.13 करोड़ की नकली और नशीली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, तीन अवैध गोदाम सीज; एक गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

गोंडा: उत्तर प्रदेश में नकली और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गोंडा में बड़ी कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बिना लाइसेंस संचालित तीन अवैध औषधि गोदामों पर छापेमारी कर करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये मूल्य की नारकोटिक्स, कोडीन सिरप और अन्य एलोपैथिक दवाएं बरामद कर सीज कर दीं। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

तीन दिन तक चला सघन अभियान, नौ जिलों की टीम रही शामिल
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, लखनऊ के निर्देशन में मिली गोपनीय सूचना के आधार पर 16 से 18 जुलाई 2026 तक गोंडा के बरियार पुरवा, सोनार गली और बड़गांव क्षेत्र में लगातार तीन दिनों तक विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस अभियान में प्रदेश के नौ जिलों के औषधि निरीक्षकों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया।
फर्म पते पर नहीं मिली, जांच में खुला अवैध कारोबार का नेटवर्क
संयुक्त टीम सबसे पहले गोंडा-बलरामपुर मार्ग स्थित जयनगरा, बड़गांव में संचालित बताए गए अमन फार्मास्युटिकल्स की जांच के लिए पहुंची। जांच के दौरान फर्म निर्धारित पते पर संचालित नहीं मिली और वहां कोई साइन बोर्ड भी नहीं मिला। इसके बाद टीम संचालक अमन कसौधन के आवास पहुंची।
पूछताछ के दौरान अमन कसौधन के भाई शिवम कसौधन ने स्वीकार किया कि वह अपने भाई के साथ बरियार पुरवा स्थित स्थान से औषधियों का कारोबार करता है और उनके पास दवा कारोबार का कोई वैध लाइसेंस नहीं है। जांच आगे बढ़ने पर टीम को इनके दो अन्य अवैध गोदामों की भी जानकारी मिली, जहां बिना वैध अनुज्ञप्ति के दवाओं का कारोबार किया जा रहा था।
दस्तावेज नहीं दिखा सके संचालक, तीनों गोदामों की दवाएं सीज
छापेमारी के दौरान टीम ने दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख, खरीद बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य वैधानिक दस्तावेज मांगे, लेकिन संचालक कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद तीनों गोदामों में रखी गई बड़ी मात्रा में दवाओं को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
नारकोटिक्स, ट्रामाडोल इंजेक्शन और कोडीन सिरप समेत भारी मात्रा में दवाएं बरामद
कार्रवाई के दौरान 53,712 डिपट्राम प्लस कैप्सूल, 14,700 अल्ट्रानिम-पी टैबलेट, 59,256 प्रोक्सीस्पास कैप्सूल, 2,82,960 सेम्प्लेक्स प्लस कैप्सूल, 32,160 रोमर स्पास कैप्सूल, 1,96,000 ट्रामाडोल इंजेक्शन, 60,000 अल्जोमैक 0.5 (अल्प्राजोलम) टैबलेट तथा 63 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप (एनरेक्स/वनरेक्स) सहित बड़ी मात्रा में अन्य एलोपैथिक औषधियां बरामद हुईं। बरामद दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये आंकी गई है।

19 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए
संयुक्त टीम ने जांच के दौरान 19 विभिन्न औषधियों के नमूने भी एकत्र किए, जिन्हें राजकीय प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट और विवेचना पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए परिवाद दाखिल किया जाएगा।
एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश जारी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शिवम कसौधन पुत्र प्रमोद कसौधन निवासी रानी बाजार, बड़गांव को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसका भाई और इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक अमन कसौधन मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुई एफआईआर
अधिकारियों ने बताया कि मनःप्रभावी और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के गंभीर मामले को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत थाना कोतवाली नगर में एफआईआर संख्या 0676, दिनांक 19 जुलाई 2026 दर्ज की गई है।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार नकली, अवैध और नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। ऐसे अवैध नेटवर्क के विरुद्ध आगे भी लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
