गोण्डा में बाढ़ प्रभावित नकहरा गांव पहुंचीं डीएम प्रियंका निरंजन, ग्रामीणों से जानी समस्याएं; बाढ़ चौकी का भी किया निरीक्षण

गोण्डा: जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने तहसील करनैलगंज के बाढ़ प्रभावित ग्राम नकहरा और बाढ़ चौकी गौरा सिंहनापुर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के साथ ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहें। किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल उसका संज्ञान लेते हुए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्यों से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को बिना देरी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करें अधिकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी करनैलगंज, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, जिला आपदा विशेषज्ञ समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर और अन्य परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, पशुपालन, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
राहत और बचाव के संसाधन तैयार रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाए और उनका जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव से जुड़े सभी संसाधनों को तैयार अवस्था में रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उनका उपयोग किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल पटेल, उपजिलाधिकारी करनैलगंज, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
