योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: यूपी में नई ट्रांसफर नीति लागू, ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना शुरू, किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की नई वार्षिक तबादला नीति लागू करने का ऐलान किया। इसके साथ ही प्रदेश में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना शुरू करने, किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी और बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने जैसे अहम फैसले भी लिए गए।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और किसानों को राहत पहुंचाना है।
यूपी में नई तबादला नीति लागू
कैबिनेट की मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की नई वार्षिक तबादला नीति मंगलवार से लागू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत अब विभागाध्यक्ष और संबंधित मंत्री मिलकर कर्मचारियों के स्थानांतरण पर फैसला लेंगे।
सरकार ने यह भी तय किया है कि किसी भी विभाग में कुल स्वीकृत पदों की संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे। सरकार का दावा है कि नई नीति से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की तैनाती अधिक संतुलित तरीके से हो सकेगी।
‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना को मंजूरी
योगी कैबिनेट ने प्रदेश में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना लागू करने का भी फैसला लिया है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के हर जिले के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों की अलग पहचान बनाई जाएगी।
सरकार इन व्यंजनों की ब्रांडिंग के लिए विशेष लोगो तैयार कराएगी। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इसके लिए सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। माना जा रहा है कि इस पहल से स्थानीय खानपान और पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकेगी।

हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़े अहम फैसले भी लिए गए। हाईटेंशन बिजली तारों और खंभों से प्रभावित जमीनों के लिए दिए जाने वाले मुआवजे में 21 से 33 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
नई व्यवस्था के तहत अब बिजली के खंभों के नीचे आने वाली जमीन और उसके एक मीटर के दायरे की जमीन पर किसानों को दोगुना मुआवजा मिलेगा। वहीं हाईटेंशन तारों के नीचे आने वाली जमीन के लिए 30 प्रतिशत मुआवजा देने का फैसला किया गया है।
सरकार का कहना है कि इससे प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी होगी।
प्रदेश में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पेड़-पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है।
खास बात यह है कि इनमें से 30 प्रतिशत पौधे फलदार होंगे। सरकार का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय को भी मजबूती मिलेगी।
