रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय कृषि संकाय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण इसी माह के तीसरे सप्ताह में संभव

बरेली ,03 जुलाई। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू), बरेली अपने कृषि संकाय के लिए एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कृषि संकाय के अत्याधुनिक भवन का औपचारिक लोकार्पण इसी माह के तीसरे सप्ताह में करने की संभावना जताई है। यह लोकार्पण शैक्षणिक सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत से पूर्व किया जाना है, जिसमें कृषि संकाय में बी.एससी. एग्रीकल्चर और एम.एससी. एग्रीकल्चर के अगले बैचों की शिक्षा प्रारंभ होगी ।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय परिसर में कृषि संकाय की कक्षाओं का शुभारंभ एक वर्ष पूर्व ही हो चुका है। अब नए सत्र से छात्रों को एक समर्पित और सुसज्जित भवन में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा।
नए भवन की तैयारियाँ जोरों पर
लोकार्पण समारोह की तैयारियों के तहत कृषि संकाय भवन परिसर में साफ- सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य प्रगति पर है। कुछ दिन पूर्व आई आंधी के कारण भवन के आसपास कई पुराने पेड़ गिर गए थे तथा कुछ की शाखाएं टूट गई थीं, जिन्हें हटाकर परिसर को व्यवस्थित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भवन के ऊपरी तल पर स्थित कक्षाओं का सौंदर्यीकरण कार्य भी तेजी से चल रहा है, ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।
कृषि संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर उपेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि नए भवन में आधुनिक संसाधनों से युक्त कक्षाएं और प्रयोगशालाएँ होंगी, जो ‘लर्निंग बाय डूइंग’ (करके सीखना) मॉडल पर आधारित शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाएंगी । उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 से कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) तथा पादप रोग विज्ञान (प्लांट पैथोलॉजी) में भी स्नातकोत्तर (एम.एससी.) की कक्षाएं प्रारंभ की जा रही हैं, जो इस संकाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने अपने संदेश में कहा:-
“महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि संकाय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण हमारे लिए गर्व का विषय है। यह भवन न केवल आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन छात्रों के लिए एक सपने के साकार होने जैसा है, जो 200 किलोमीटर के दायरे में कृषि शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे थे । मैं सभी छात्रों से आग्रह करता हूँ कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। यह विश्वविद्यालय नवाचार, अनुसंधान और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और हमारा कृषि संकाय इसका एक प्रमुख उदाहरण है।”
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय मे शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बी.एससी. एग्रीकल्चर एवं एम.एससी. एग्रीकल्चर में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
