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आईवीआरआई.में अत्याधुनिक आयन जीन एस 5 नेक्स्ट जेनरेशन (सीक्वेंसिग) प्रणाली की स्थापना

बरेली, 06जून।आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ; (आईवीआरआई) के पशु रोग शोध एवं निदान केन्द्र; कैडराड में महामारी कोष समर्थित परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक आयन जीन एस 5 नेक्स्ट जेनरेशन ( सीक्वेंसिंग ) प्रणाली की स्थापना की गई है। यह परियोजना खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विभाग भारत सरकार के सहयोग से तथा महामारी कोष के वित्तीय सहायता से संचालित की जा रही है।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक केडराड डॉ सोहिनी दे ने बताया कि इस प्रणाली से रोग निदान और अनुसंधान को नई गति मिलेगी । इस नई स्थापित एनजीएस प्रणाली से संस्थान की उन्नत रोग निदान एवं अनुसंधान क्षमताओं को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। इस अत्याधुनिक प्रणाली की स्थापना थर्मो फिशर साइंटिफिक के विशेषज्ञ अभियंताओं द्वारा 04 और 5 जून, 2026 को सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस विशेष अवसर पर एफएओ नई दिल्ली के पशु स्वास्थ्य विशेष डॉण् मोहम्मद हसीब, मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
यह अत्याधुनिक सुविधा निगरानी एवं रोग निदान के क्षेत्रों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी जैसे कि वायरस और बैक्टीरिया के बदलते रूपों पर पैनी नज़र रखना, उभरते एवं पुनः उभरते रोगजनकों की तेजी से पहचान एवं उनका गहन विश्लेषण करना, पशुओं में अचानक फैलने वाली बीमारियों और उनके प्रकोप की सटीक जांच करना, रोगों के प्रसार के पैटर्न को आणविक स्तर पर समझने के लिए तथा एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खतरों पर व्यापक शोध करने हेतु जिससे महामारी से निपटने में भारत बनेगा और सक्षम।
कैडराड में स्थापित यह अत्याधुनिक सुविधा राष्ट्रीय रोग निगरानी एवं महामारी तैयारियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह भारत की महामारी रोकथाम, पूर्व.तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाएगी। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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