MP से हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा टिकट मिलने पर कांग्रेस का हमला, पूछा- आखिर भाजपा की क्या मजबूरी है?
भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर 12 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार घोषित किया है। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य कांग्रेस नेताओं ने पुरी की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए भाजपा की आलोचना की। कांग्रेस नेताओं ने एप्स्टीन प्रकरण का जिक्र करते हुए पूछा कि आखिर भाजपा ने पुरी को ही उम्मीदवार क्यों बनाया और इस फैसले के पीछे क्या वजह है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से बातचीत के दौरान एप्स्टीन फाइल्स में पुरी का नाम सामने आने से जुड़े दावों का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि नैतिकता की बात करने वाली भाजपा उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला कैसे कर सकती है। सिंघार ने कहा कि भाजपा महिलाओं की सुरक्षा और लाडली बहना योजना की बात करती है, इसलिए उसे पुरी की उम्मीदवारी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।
‘मध्य प्रदेश से कोई दलित, आदिवासी या OBC नेता नहीं मिला?’
उमंग सिंघार ने सवाल किया कि क्या भाजपा को राज्यसभा भेजने के लिए मध्य प्रदेश से दलित, आदिवासी या अन्य पिछड़ा वर्ग का कोई योग्य नेता नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने से राज्य के साथ भाजपा के कथित भेदभाव का मुद्दा फिर सामने आया है।
सिंघार के मुताबिक, भाजपा की राजनीति से ऐसा प्रतीत होता है कि वह मध्य प्रदेश को अपने राजनीतिक प्रयोगों की प्रयोगशाला समझती है। कांग्रेस नेता ने इस फैसले को लेकर पार्टी से जवाब मांगा है।
जीतू पटवारी ने पूछा- आखिर किससे ब्लैकमेल हो रही है भाजपा?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरी को सत्ता में बनाए रखने के पीछे की कथित मजबूरी कई सवाल खड़े करती है। पटवारी ने कहा कि भाजपा को एप्स्टीन प्रकरण से जुड़े सवालों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मध्यप्रदेशवासियो, मत के मद में डूबी भाजपा राज्य के साथ, आपके वोट का भी खुला अपमान कर रही है। कांग्रेस इसका विरोध करती है।”
उन्होंने भाजपा से यह भी पूछा कि पुरी के नाम से जुड़े एप्स्टीन प्रकरण पर उठ रहे सवालों का जवाब देश को कब मिलेगा।
जयवर्धन सिंह ने भी साधा निशाना, एप्स्टीन से संबंधों को लेकर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “Partners in crime are the best kind of friends!” यानी अपराध में साथ देने वाले सबसे अच्छे दोस्त होते हैं।
जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा एक ऐसे व्यक्ति को राज्यसभा भेज रही है, जिसका नाम जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े विवाद में सामने आया है। उन्होंने भाजपा से पूछा कि क्या मध्य प्रदेश में कोई योग्य नेता नहीं था, जिसे राज्यसभा भेजा जा सकता था।
‘एप्स्टीन की दोस्ती, जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी’
जयवर्धन सिंह ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि अगर मध्य प्रदेश में कोई योग्य नेता नहीं था, तो हरदीप सिंह पुरी को ही क्यों चुना गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह है, जिसके चलते भाजपा ने पुरी को उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस विधायक ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता इस फैसले के बारे में जानना चाहती है।

उनकी यह टिप्पणी पुरी के नाम को लेकर एप्स्टीन प्रकरण में उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में थी। हालांकि, कांग्रेस के आरोपों और पुरी के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
कौन था जेफ्री एप्स्टीन और क्या है पूरा विवाद?
जेफ्री एप्स्टीन अमेरिका में बाल यौन अपराधों का दोषी था। कांग्रेस इस साल की शुरुआत से ही अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी एप्स्टीन फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी का नाम होने का दावा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग करती रही है।
कांग्रेस का दावा है कि अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2014 से 2017 के बीच एप्स्टीन और पुरी के बीच कम से कम 62 ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था और 14 बैठकें हुई थीं। हालांकि, इन दावों के आधार पर पुरी के किसी आपराधिक कृत्य में शामिल होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पुरी पहले कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना रहा है कि वह एप्स्टीन से कुछ मौकों पर मिले थे, लेकिन उनके साथ बातचीत का एप्स्टीन के अपराधों से कोई संबंध नहीं था।
यह मुद्दा हाल ही में फिर चर्चा में आया, जब अमेरिकी न्याय विभाग ने 21 अक्टूबर को एप्स्टीन से जुड़े दस्तावेज जारी किए। खबर के अनुसार, इन दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एप्स्टीन की वर्ष 2014 की तस्वीरें भी साझा की गई थीं।
12 नवंबर को होगा राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव
भाजपा महासचिव तरुण चुग की ओर से बुधवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। पुरी फिलहाल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
मध्य प्रदेश की यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर उपचुनाव 12 नवंबर को होना है। नामांकन प्रक्रिया 26 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और 2 नवंबर तक चलेगी। 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 5 नवंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।
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