दोषियों को सजा दिलाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं! गोंडा में डीएम का सख्त संदेश, कमजोर पैरवी पर अधिवक्ताओं का रिन्यूअल भी रुकेगा

गोंडा: जिले में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और दोषसिद्धि दर बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन सभागार में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने की। बैठक में अभियोजन विभाग से जुड़े अधिकारियों, सहायक अभियोजन अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान लंबित मामलों, न्यायालय में चल रही पैरवी, गवाहों की उपलब्धता और अभियुक्तों की उपस्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

प्रभावी पैरवी से बढ़े दोषसिद्धि दर
जिलाधिकारी ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराधियों में कानून का भय कायम रखने के लिए दोषियों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सजा दिलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों से प्रत्येक मामले में मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने और दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
समय पर साक्ष्य और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी मामले में अभियोजन स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सहायक अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक वाद में समय से साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं और गवाहों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो।
पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी ने अभियोजन अधिकारियों और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावी समन्वय से मामलों की पैरवी मजबूत होगी और न्यायालय में दोषसिद्धि की संभावना बढ़ेगी।

गंभीर अपराधों के मामलों में तेजी लाने के निर्देश
बैठक के दौरान हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों में भय बना रहे।
खराब प्रदर्शन पर रिन्यूअल नहीं होगा
जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अभियोजन कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित अधिवक्ताओं का रिन्यूअल नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक में सभी अधिकारी ठोस प्रगति के साथ उपस्थित हों।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी एवं पश्चिमी, उपजिलाधिकारी सदर और मनकापुर, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, सहायक अभियोजन अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
