नारी शक्ति वंदन अधिनियम से राजनीति में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी : प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव

बरेली, 17अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के मैत्रेयी महिला छात्रावास में कल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में एक मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। छात्रावास की वार्डन प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक इस मानव श्रृंखला में भाग लिया और देश में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर अपनी खुशी व्यक्त की।

प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। इससे देश की महिलाओं की राजनीति में भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि अब तक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम रही है, जबकि आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं और अच्छा से अच्छा कर दिखाने की उनमें इच्छा है।
प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस बात को देखते हुए ही महिलाओं को राजनीति में लाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है। महिलाएं और बालिकाएं इस बात से अत्यंत प्रसन्न हैं और उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

इस अवसर पर छात्रावास की बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्होंने इस ऐतिहासिक अधिनियम का समर्थन करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
माननीय कुलपति प्रो. के.पी. सिंह का संदेश:- “नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह महिलाओं को नीति निर्माण में सीधी भागीदारी का अवसर प्रदान करेगा। मैं मैत्रेयी महिला छात्रावास की वार्डन प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव एवं सभी छात्राओं के इस जागरूकता प्रयास की सराहना करता हूँ। मुझे विश्वास है कि यह अधिनियम देश के विकास में महिलाओं के योगदान को नई ऊँचाइयाँ देगा।”
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
