कुलपति सहित विश्वविद्यालय का प्रतिनिधिमंडल बस से कानपुर रवाना। ‘एआई मंथन 2.0’ में रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय की एआई उपलब्धियों की होगी प्रस्तुति और प्रदर्शनी

बरेली,11 सितम्बर। पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों की बचत और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देने का संदेश देते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल के साथ बस से कानपुर के लिए रवाना हुए। कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले ‘एआई मंथन 2.0’ में रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, गतिविधियों और उपलब्धियों की प्रस्तुति के साथ विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

कुलपति का स्वयं बस से प्रतिनिधिमंडल के साथ यात्रा करना विश्वविद्यालय में एक अलग तरह का संदेश देता नजर आया। सामान्यतः उच्च पदस्थ अधिकारियों के अलग-अलग वाहनों से आवागमन की परंपरा के बीच सामूहिक बस यात्रा को ईंधन की बचत, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिकता से जोड़कर देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का मानना है कि कुलपति की यह पहल शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को भी संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने में प्रेरणादायी हो सकती है।
एआई में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की पहल होगी प्रदर्शित :-
‘एआई मंथन 2.0’ में विश्वविद्यालय की ओर से एआई के क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों और गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। शिक्षा, शोध, प्रशासन, विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित और व्यावहारिक उपयोग को प्रदर्शनी के माध्यम से सामने रखा जाएगा।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल एआई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की वर्तमान पहलों के साथ भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया जाएगा।
राज्यपाल की मौजूदगी में कुलपतियों की होगी समीक्षा :-
12 और 13 सितंबर को आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ एआई से संबंधित गतिविधियों और उपलब्धियों की समीक्षा करेंगी। उच्च शिक्षा में एआई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह बैठक प्रदेश के विश्वविद्यालयों के लिए अपनी उपलब्धियों को साझा करने और एक-दूसरे के नवाचारों से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने कहा कि एआई आने वाले समय में उच्च शिक्षा की दिशा और दशा बदलने वाली महत्वपूर्ण तकनीक है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि एआई का उपयोग केवल तकनीकी प्रदर्शन तक सीमित न रहे, बल्कि इसे शिक्षा, शोध, प्रशासन और विद्यार्थियों के कौशल विकास से जोड़ा जाए।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की बस यात्रा भी एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण संदेश का प्रतीक है—विकास के साथ संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
*खास बात :-
कुलपति भी प्रतिनिधिमंडल के साथ बस में
सामूहिक यात्रा से ईंधन और संसाधनों की बचत का संदेश।
*एआई पर फोकस :-
प्रस्तुति के साथ प्रदर्शनी
विश्वविद्यालय की एआई गतिविधियों, नवाचारों और उपलब्धियों को मिलेगा मंच।
*12-13 सितंबर को राज्यपाल करेंगी समीक्षा :-
कुलाधिपति श्रीमति आनंदीबेन पटेल प्रदेश के कुलपतियों के साथ उनके विश्वविद्यालय में एआई के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यो, एआई के उपयोग तथा उस दिशा में हो रही प्रगति और भविष्य की रणनीति पर करेंगी मंथन।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

