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तापसी पन्नू की ‘गांधारी’ पर कहानी चुराने का आरोप, 40 लाख के मुआवजे से ज्यादा लेखक को चाहिए अपना नाम और पहचान

नई दिल्ली। तापसी पन्नू की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘गांधारी’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। लेखक कल्याण बांदी ने फिल्म की कहानी को लेकर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्होंने 2019 में ‘गांधारी’ नाम से एक कहानी लिखी थी और उसे पंजीकृत भी कराया था। लेखक का कहना है कि तापसी पन्नू की आगामी फिल्म का कथानक उनकी कहानी से काफी मिलता-जुलता है। हालांकि, फिल्म की लेखिका और निर्माता कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस कत्था पिक्चर्स ने इन आरोपों को खारिज करते हुए फिल्म को पूरी तरह मौलिक बताया है।

2019 में लिखी थी ‘गांधारी’ नाम की कहानी

कल्याण बांदी के मुताबिक उन्होंने 2019 में ‘गांधारी’ नाम से एक कहानी तैयार की थी। इसमें एक मां की जिंदगी के इर्द-गिर्द घटनाएं घूमती हैं। बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ने के बाद वह बेहद खतरनाक रूप धारण कर लेती है। कल्याण का कहना है कि उन्होंने उस समय वूट की अधिकारी मोनिका शेरगिल से संपर्क किया था और उन्हें करीब आठ पन्नों की कहानी तथा दो पन्नों का सार भेजा था। उनके मुताबिक कहानी देखने के बाद उन्हें बताया गया कि वह उस समय कंपनी की योजनाओं के अनुरूप नहीं है।

स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में कहानी पंजीकृत कराने का दावा

लेखक का दावा है कि उन्होंने अपनी कहानी और उसके सार को स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में भी पंजीकृत कराया था। इसके बाद वह कई वर्षों तक इस कहानी पर काम करते रहे। साल 2023 में उन्होंने हरमन बावेजा के स्टूडियो से संपर्क किया और कहानी तथा पटकथा को लेकर कई महीनों तक बातचीत हुई। कल्याण के अनुसार उन्होंने अपनी कहानी जियो हॉटस्टार को भी भेजी थी।

2025 में फिल्म के ऐलान के बाद बढ़ा शक

मामला उस समय गंभीर हुआ जब 2025 में नेटफ्लिक्स पर तापसी पन्नू की ‘गांधारी’ का ऐलान किया गया। कल्याण के मुताबिक फिल्म का नाम सामने आने के बाद उन्हें अपनी पुरानी कहानी की याद आई। उन्होंने फिल्म से जुड़ी जानकारी जुटाई और दोनों कहानियों की तुलना करने पर उन्हें कई समानताएं दिखाई दीं। इसके बाद उन्होंने इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाने का फैसला किया।

40 लाख रुपये मुआवजे की मांग, लेकिन लेखक बोले- पैसा प्राथमिकता नहीं

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कल्याण का कहना है कि उन्होंने सितंबर 2025 में कानूनी नोटिस भी भेजा था। इसमें कथित तौर पर कहानी के इस्तेमाल को लेकर मुआवजे और उचित श्रेय की मांग की गई थी। करीब 40 लाख रुपये के मुआवजे की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि लेखक का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य पैसा हासिल करना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगर उनकी कहानी का इस्तेमाल हुआ है तो उन्हें उसका उचित श्रेय और पहचान दी जाए।

लंबी कानूनी लड़ाई का खर्च उठाना मुश्किल बताया

कल्याण के अनुसार कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका दावा है कि लंबी कानूनी लड़ाई का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल था, इसलिए उन्होंने आगे कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि उनके लिए अपनी रचना की पहचान और उसका श्रेय आर्थिक मुआवजे से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस कत्था पिक्चर्स ने कहानी चोरी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रोडक्शन हाउस के मुताबिक ‘गांधारी’ पूरी तरह मौलिक फिल्म है और इसकी कहानी तथा पटकथा कनिका ढिल्लों की अपनी रचना है। कंपनी ने अपुष्ट आरोपों को सच मानकर प्रकाशित या साझा नहीं करने की अपील भी की है। इस मामले में नेटफ्लिक्स और मोनिका शेरगिल की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

फिलहाल तापसी पन्नू की ‘गांधारी’ की रिलीज से पहले सामने आए इस विवाद ने फिल्म को चर्चा में ला दिया है। एक तरफ लेखक अपनी कथित रचना के लिए पहचान और उचित श्रेय की मांग कर रहे हैं, वहीं फिल्म की टीम कहानी चोरी के आरोपों को पूरी तरह गलत बता रही है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कोई कानूनी या आधिकारिक कदम उठता है या नहीं।

 

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