देश को आगे ले जाने के लिए सशक्त बेटियों की आवश्यकता, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में तकनीकी व वैज्ञानिक क्रांति से संवर रहा भविष्य

देश की समग्र प्रगति, आत्मनिर्भरता और नवनिर्माण के लिए बेटियों का शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है। इसी ध्येय को साकार करते हुए मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि “देश को आगे ले जाने के लिए सशक्त बेटियों की आवश्यकता है और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) ऐसी ही समर्थ, कुशल एवं सशक्त बेटियों को तैयार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं।” उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत देवीपाटन मंडल के कस्तूरबा विद्यालयों में संचालित नवाचार ग्रामीण अंचल की बेटियों को 21वीं सदी के आधुनिक कौशलों से परिपूर्ण कर रहे हैं।

तकनीकी सशक्तिकरण के क्षेत्र में जनपद गोण्डा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झंझरी में मंडल की पहली अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और उन्नत कंप्यूटर प्रयोगशाला ‘के0जी0बी0वी0-इनोवेशन हब’ स्थापित की गई है। यह उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एक ऐतिहासिक पहल है, जहाँ छात्राएं ChatGPT, Gemini AI, DeepSeek और Scratch AI जैसे आधुनिक टूल्स के साथ-साथ मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रही हैं।
डिजिटल शिक्षा के इसी क्रम में जनपद श्रावस्ती के कस्तूरबा विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के जरिए डिजिटल सामग्री, वीडियो और एनिमेशन के माध्यम से कठिन विषयों को सरल व रोचक बनाया गया है, जिससे छात्राओं में तार्किक सोच और रचनात्मकता का निरंतर विकास हो रहा है। वहीं जनपद बलरामपुर के कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में ‘फिजिक्स वाला’ की डिजिटल कक्षाओं के माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे छात्राएं विज्ञान व गणित की मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत करते हुए आवासीय परिसर में रहते हुए ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आत्मविश्वास से तैयार हो रही हैं।
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वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद बहराइच के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं को नियमित रूप से वैज्ञानिक प्रयोगों और व्यावहारिक गतिविधियों के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे बालिकाओं में खोजी दृष्टिकोण और शोधपरक क्षमता विकसित हो रही है।
आधुनिक तकनीकी और वैज्ञानिक शिक्षा के साथ-साथ मंडल के सभी कस्तूरबा विद्यालयों में योग, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और खेलकूद जैसी गतिविधियों का भी समन्वय किया गया है, जो बालिकाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करता है। देवीपाटन मंडल का यह समग्र मॉडल ग्रामीण परिवेश की बेटियों को शहरी क्षेत्र के समकक्ष अवसर और मंच प्रदान कर रहा है, जिससे कस्तूरबा की ये बेटियां नए भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हो रही हैं।

