रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग में “Control in Robotics: Macro to Micro” विषय पर तकनीकी कार्यशाला का आयोजन

बरेली,18 सितंबर।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग (Department of Electrical Engineering) में “Control in Robotics: Macro to Micro” विषय पर एक तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य रोबोटिक्स एवं नियंत्रण प्रणाली के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, शोध प्रवृत्तियों तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को परिचित कराना था।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ. अभिलाष पटेल, Assistant Professor, Department of Electrical Engineering, IIT Kanpur रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि (Guest of Honour) डॉ. भवानी शंकर डे, Assistant Professor, VIT Vellore, डॉ. किशोर चिम्मुला रेड्डी, Senior Technical Lead, New Product Development (NPD), गुरुग्राम, डॉ. सुजीत कुमार, IIT Kanpur एवं डॉ. नीतीश पटेल, IIT Kanpur ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय सिंह, अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ने की। विश्वविद्यालय की ओर से कार्यशाला के होस्ट डॉ. अतुल कटियार ने अतिथियों एवं विशेषज्ञों का स्वागत किया तथा कार्यशाला के उद्देश्य और विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के डॉ. देश दीपक शर्मा, डॉ. अतुल सरोजवाल एवं डॉ. आशीष शंखवार सहित विभाग के अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। संकाय सदस्यों ने विशेषज्ञों के साथ तकनीकी संवाद में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक रोबोटिक्स में नियंत्रण प्रणाली की भूमिका केवल बड़े औद्योगिक रोबोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि माइक्रो एवं मिनिएचर रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में भी इसका महत्व तेजी से बढ़ रहा है। “Macro to Micro” की अवधारणा के माध्यम से प्रतिभागियों को बड़े पैमाने की रोबोटिक प्रणालियों से लेकर सूक्ष्म स्तर पर कार्य करने वाले रोबोटिक सिस्टम तक नियंत्रण तकनीकों के विकास एवं अनुप्रयोगों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को सैद्धांतिक अवधारणाओं को वास्तविक रोबोटिक प्रणालियों से जोड़ने, शोध के नए अवसरों को समझने तथा नवीन तकनीकी समस्याओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में अकादमिक शोध और औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच समन्वय तथा उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं रोबोटिक्स तथा नियंत्रण प्रणाली में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं तकनीकी संवाद ने प्रतिभागियों को रोबोटिक्स के क्षेत्र में उभरती तकनीकों, शोध संभावनाओं एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने का अवसर प्रदान किया।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों में तकनीकी जिज्ञासा, शोध दृष्टिकोण, नवाचार एवं व्यावहारिक समस्या-समाधान की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यशाला ने नियंत्रण प्रणाली की मूलभूत अवधारणाओं को अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में प्रतिभागियों को एक उपयोगी मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, विशेषज्ञों, आयोजकों, विभागीय संकाय सदस्यों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह कार्यशाला रोबोटिक्स एवं कंट्रोल सिस्टम के क्षेत्र में शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
-------------------------------------------------------------------------------------------

