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महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली परिसर में M.Sc Bioinformatics में प्रवेश प्रक्रिया एक जून 2026 से प्रारंभ

बरेली,30 मई। बरेली क्षेत्र में आधुनिक विज्ञान और कंप्यूटर तकनीक का अनूठा संगम : बायोइंफॉर्मेटिक्स बनेगा युवाओं के लिए सुनहरा अवसर।

फैकल्टी ऑफ लाइफ़ साइंस के अंतर्गत संचालित “एम एस सी बॉयोइनफॉर्मेटिक्स” पाठ्यक्रम जीवन विज्ञान और कम्प्यूटर विज्ञान का एक अनूठा समन्वय है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को जैविक आंकड़ों के विश्लेषण, जीनोम अध्ययन, प्रोटीन संरचना विश्लेषण , मॉलिक्युलर डॉकिंग, ड्रग डिस्कवरी तथा आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलाव के दौर में “बॉयोइनफॉर्मेटिक्स” विश्वभर में तेजी से उभरने वाले क्षेत्रों में से एक है। जिनोमिक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , ड्रग डिजाइन, प्रिसिजन मेडिसिन और बिग डाटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है ऐसे समय में बरेली क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि उन्हें अब अपने ही क्षेत्र में इस अत्याधुनिक और रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम का अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है ।
जैव सूचना विज्ञान एवं कंप्यूटेशनल जीव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर उपेंद्र कुमार ने बताया , कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं , औषधि उद्योग, जैव प्रौद्योगिकी कंपनियों , कृषि अनुसंधान, जिनोमिक्स प्रयोगशालाओं तथा डाटा विज्ञान के क्षेत्र में बायोइनफॉर्मेटिक्स विशेषज्ञों की मांग और अधिक बढ़ने वाली है यही कारण है कि देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में इस विषय के छात्रों के लिए रोजगार और अनुसंधान के व्यापक अवसर उपलब्ध है
एमएससी बायोइनफॉर्मेटिक्स पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि अत्याधुनिक कंप्यूटेशनल उपकरणों और सॉफ्टवेयर के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है पाठ्यक्रम में जिनोमिक्स , नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग, प्रोटीन मॉडलिंग, बायोलॉजिकल डाटाबेस बायोइनफॉर्मेटिक्स टूल्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जैविक डाटा विशेष विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल है
बरेली और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह पाठ्यक्रम विशेष महत्व रखता है क्योंकि अब उन्हें इस उभरते हुए क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थी बायोइनफॉर्मेटिक्स साइंटिस्ट , कंप्यूटेशनल बायोलॉजिस्ट , जिनोमिक्स एवं डाटा एनालिस्ट , ड्रग डिजाइन विशेषज्ञ, रिसर्च साइंटिस्ट, बायोइनफॉर्मेटिक्स सॉफ्टवेयर डेवलपर जैसे प्रतिष्ठित पदों पर कार्य कर सकते हैं, इसके अतिरिक्त उच्च स्तरीय अनुसंधान तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक अवसरों के द्वार भी उनके लिए खुलते हैं
सत्र 2026 -27 के लिए एमएससी बायोइनफॉर्मेटिक्स में ऑनलाइन पंजीकरण एक जून 2026 से प्रारंभ हो रहा है प्रवेश स्नातक स्तर की मेरिट के आधार पर किया जाएगा । कुल 30 सीट उपलब्ध हैं तथा ईडब्ल्यूएस की तीन सीट अलग से है ।
वर्तमान समय में जब जीव विज्ञान और डिजिटल तकनीक मिलकर स्वास्थ्य कृषि और औषधि विज्ञान के क्षेत्र में नई क्रांति ला रहे हैं तब एमएससी बायोइनफॉर्मेटिक्स युवाओं के लिए केवल एक पाठ्यक्रम नहीं है बल्कि भविष्य के विज्ञान और नवाचार की दुनिया में प्रवेश का एक सशक्त माध्यम है ।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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