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रायबरेली में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, बालश्रम से लेकर बाल विवाह तक पर सख्ती के निर्देश

रायबरेली: विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं मानव तस्कररोधी पुलिस की मासिक समीक्षा बैठक पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर स्थित किरण हाल में आयोजित की गई। बैठक में किशोर बालक-बालिकाओं के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे जागरूकता और संरक्षण अभियानों की समीक्षा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने संबंधित अधिकारियों को अभियानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

बालश्रम और बाल विवाह रोकने पर जोर

बैठक में ऑपरेशन रक्षा, बालश्रम उन्मूलन, बाल भिक्षावृत्ति, नशा मुक्ति और बाल विवाह रोकथाम जैसे अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी थानों में तैनात बाल कल्याण अधिकारियों और महिला आरक्षियों को समयबद्ध तरीके से अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों से संबंधित फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि अभियानों की प्रगति की समीक्षा की जा सके।

बच्चों और कमजोर वर्गों के संरक्षण के लिए बनेगा डेटा बैंक

नशा मुक्ति, बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति में लिप्त गरीब एवं अशिक्षित बच्चों, महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान कर उनके संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए। संबंधित व्यक्तियों का डेटा बैंक तैयार करने पर भी जोर दिया गया, जिससे जरूरतमंदों तक संरक्षण और पुनर्वास की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।

बाल अधिकारों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

बैठक में गुरुकुल, आश्रम, मंदिर, विद्यालय और मदरसों में किशोर-किशोरियों के साथ होने वाले यौन, शारीरिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार तथा बाल अधिकारों के उल्लंघन के मामलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों की जानकारी मिलने पर तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई और आवश्यक आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के निर्देश संबंधित बाल कल्याण अधिकारियों को दिए गए।

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अधिकारियों को प्रभावित बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सुरक्षात्मक और सुधारात्मक उपाय लागू करने की जिम्मेदारी भी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 77 और 78 के तहत नशीले पदार्थों का प्रयोग कराने वाले दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

नाबालिगों को समय से न्याय बोर्ड और सीडब्ल्यूसी के सामने पेश करने के निर्देश

अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने निर्देश दिया कि नाबालिग बालक-बालिकाओं को नियमानुसार समय से बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष सभी आवश्यक विधिक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

कई विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य मजिस्ट्रेट मीनू श्रीवास्तव, बाल कल्याण समिति के सदस्य एवं प्रदत्त शक्ति प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट मिलिंद द्विवेदी, सहायक अभियोजन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी शशि सिंह, विधि सम्परीक्षण अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी, बाल संरक्षण अधिकारी बीरेन्द्र पाल, वन स्टॉप सेंटर से आस्था ज्योति, एएचटी थाना प्रभारी उपनिरीक्षक शैलेन्द्र, हेड महिला आरक्षी संगीता मिश्रा, औषधि निरीक्षक, डिप्टी सीएमओ डॉ. सदानंद, महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका, सपोर्ट पर्सन अजय बाजपेई, अंजू सहित विभिन्न थानों के बाल कल्याण अधिकारी और महिला आरक्षी मौजूद रहे।

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