गोंडा में स्कूल वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 वाहन जब्त और 7 का चालान
गोंडा: विद्यार्थियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने देवीपाटन क्षेत्र में स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। डीटीसी लखनऊ के नेतृत्व में आरटीओ-ए, आरटीओ-ई देवीपाटन क्षेत्र और एआरटीओ गोंडा की संयुक्त टीम ने स्कूल वाहनों की फिटनेस समेत सुरक्षा मानकों की जांच की। अभियान के दौरान अनफिट पाए गए 9 स्कूल वाहनों को जब्त किया गया, जबकि 7 वाहनों का चालान किया गया।
स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच
संयुक्त जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्कूल वाहनों की तकनीकी स्थिति, फिटनेस, निर्धारित सुरक्षा मानकों और आवश्यक अभिलेखों की जांच की। इसके साथ ही वाहनों के चालकों के पुलिस-वेरिफाइड कैरेक्टर सर्टिफिकेट भी देखे गए।

जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के आवागमन के लिए ऐसे वाहनों का संचालन न हो, जो तकनीकी रूप से असुरक्षित हों या निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते हों।
9 अनफिट स्कूल वाहन जब्त, 7 का चालान
जांच के दौरान अनफिट पाए गए 9 स्कूल वाहनों को आरटीओ कैंपस यार्ड, गोंडा में जब्त किया गया। इसके अलावा 7 स्कूल वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। परिवहन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्कूल वाहन संचालकों और विद्यालय प्रबंधन को वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और जरूरी दस्तावेजों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। चालकों के सत्यापन और निर्धारित पात्रताओं का पालन करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
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जब्त वाहनों की आज ही होगी फिटनेस जांच
परिवहन विभाग की ओर से जब्त किए गए सभी 9 स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच शुक्रवार को ही कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की फिटनेस समय से कराएं और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
स्कूल वाहनों की जांच आगे भी रहेगी जारी
परिवहन विभाग ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से स्कूल वाहनों की नियमित जांच और प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि सड़कों पर केवल फिट, सुरक्षित और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले स्कूल वाहन ही संचालित हों।

