NEET-UG पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा, अगले साल से CBT मोड लागू

लखनऊ: NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए परीक्षा को लेकर नई तारीखों और व्यवस्था का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगले साल से परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT मोड में कराई जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया था। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
छात्रों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी दी कि परीक्षा के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। इसके अलावा छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। सरकार ने इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का भी फैसला लिया है।
अगले साल से बदलेगा परीक्षा का पूरा स्वरूप
सरकार ने NEET परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है कि अगले वर्ष से परीक्षा OMR शीट पर नहीं होगी। इसकी जगह पूरी परीक्षा कंप्यूटर आधारित प्रणाली यानी CBT मोड में आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि इससे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

CBI करेगी गहराई से जांच
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा माफियाओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है और एजेंसी पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी।
दोबारा परीक्षा के लिए नहीं देनी होगी फीस
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोबारा आयोजित होने वाली NEET-UG परीक्षा के लिए छात्रों से किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। NTA की ओर से आयोजित इस परीक्षा में अभ्यर्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने शुल्क पूरी तरह माफ रखने का निर्णय लिया है।
