जिलाधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों का सम्भाजन के संबंध में करी बैठक


बरेली, 01 जुलाई। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में आज मतदेय स्थलों के सम्भाजन के सम्बन्ध में प्रस्ताव आमंत्रित करने हेतु मा0 जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण से पूर्व मतदेय स्थलों के समायोजन के संबंध में आप सभी से सुझाव आमंत्रित हैं।
भारत निर्वाचन आयोग प्रत्येक वर्ष मतदाता सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मतदेय स्थलों का पुनरीक्षण एवं समायोजन करता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक मतदाता को उसके निवास के निकट, सुरक्षित, सुगम एवं सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से युक्त मतदान केन्द्र उपलब्ध करना है।
बैठक में अवगत कराया गया कि दिनांक 24 से 28 जून 2026 तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण एवं नये मतदेय स्थल स्थापित करने हेतु भवनों चिन्हांकन, 29 जून से 01 जुलाई तक मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार कराना, 04 जुलाई तक आपत्तियों एवं सुझावों हेतु मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन, 04 जुलाई तक मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची मा० प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना, 18 जुलाई तक वर्तमान संसद सदस्यों, विधानसभा सदस्यों तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठकों के आयोजन के पश्चात् शिकायतों एवं सुझावों के निस्तारण के बाद सूची को अन्तिम रूप दिया जाना, 25 से 28 जुलाई तक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी संलग्नकों सहित मतदेय स्थलों का प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को आयोग के अनुमोदनार्थ भेजने हेतु उपलब्ध कराया जाना तथा 31 जुलाई 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा सम्भाजन संबंधी प्रस्ताव आयोग को प्रेषित किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 09 विधानसभा क्षेत्र हैं, वर्तमान में कुल मतदेय स्थल 3835 एवं मतदान केन्द्र 1940 हैं, 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर 06 नए मतदेय स्थल प्रस्तावित है, 37 मतदेय स्थलों का अन्य मतदेय स्थल प्रस्तावित हैं। समस्त कार्यवाही पूर्ण होने के बाद कुल 3804 मतदेय स्थल प्रस्तावित रहेंगे।

जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपेक्षा की कि प्रारूप सूची का गहन परीक्षण कर लें यदि किसी मतदेय स्थल के संबंध में कोई सुझाव अथवा आपत्ति हो तो निर्धारित समयावधि में लिखित रूप से उपलब्ध कराएं, सुझाव केवल मतदाता सुविधा एवं निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप ही दें, किसी भी मतदेय स्थल के संबंध में स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी उपलब्ध कराएं, यदि किसी भवन की उपयुक्तता या अनुपयुक्तता के संबंध में कोई तथ्य हो तो उससे भी अवगत कराया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक मतदेय स्थल पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर बिजली, बाउंड्रीवाल, शौचालय तथा स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि निजी भवनों में बूथ बनाने से यथासंभव बचा जाए और यदि विशेष परिस्थितियों में ऐसा करना आवश्यक हो तो इसकी जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को अवश्य दी जाए।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त ईआरओ को निर्देश दिए कि नए मतदेय स्थल केवल वास्तविक आवश्यकता होने पर ही बनाए जाएं। जर्जर एवं अस्थायी भवनों में संचालित बूथों को उपयुक्त स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाए। निजी भवनों की अपेक्षा शासकीय भवनों को प्राथमिकता दी जाए तथा दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल अथवा राजनीतिक व्यक्तियों से संबंधित भवनों में किसी भी स्थिति में मतदेय स्थल न बनाया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, ए0सी0एम0, उप जिलाधिकारी सदर, फरीदपुर, आंवला, नवाबगंज, मीरगंज, तहसीलदार बहेड़ी सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
