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महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक संपन्न, कुलपति प्रो. केपी सिंह के नेतृत्व में अनेक ऐतिहासिक निर्णय

बरेली,29 जुलाई। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में आज विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में विश्वविद्यालय के विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता, कर्मचारियों के कल्याण और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।

बैठक की शुरुआत पूर्व बैठक (दिनांक 25.03.2026) में लिए गए निर्णयों पर बिंदुवार कार्रवाई की समीक्षा के साथ हुई। कुलपति प्रो. सिंह के कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछली बैठक के सभी प्रस्तावों पर त्वरित एवं प्रभावी अमल सुनिश्चित किया, जिस पर सदन ने अपनी स्वीकृति प्रदान की।

कुलपति प्रो. केपी सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उनके प्रयासों से ही आज विश्वविद्यालय में शिक्षकों के कैरियर एडवांसमेंट, नई स्पोर्ट्स पॉलिसी, ऑनलाइन सुविधाओं और प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस जैसी आधुनिक योजनाओं को मूर्त रूप दिया जा सका है।

बैठक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:-
1.शिक्षकों को ऐतिहासिकप्रोन्नति:-
विश्वविद्यालय ने शिक्षकों के कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अंतर्गत 43 शिक्षकों को आचार्य एवं उपाचार्य पद पर प्रोन्नत किया गया, जबकि 2 शिक्षकों को उच्च ग्रेड पे प्रदान किया गया। यह शिक्षकों के उत्साहवर्धन और उनके कैरियर विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

2. प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना का क्रियान्वयन:-
नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत UGC द्वारा जारी प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने दो विशिष्ट नियुक्तियाँ की हैं।
श्री अवधेश पांडे को विधि विभाग में तथा श्रीमती अनामिका विश्वास को इतिहास एवं संस्कृति विभाग में
प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त किया गया है। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय का लाभ मिलेगा।

3. कर्मचारियों की पदोन्नति:-
तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा 11 कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान करने की संस्तुति की गई, जिससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

4. नई स्पोर्ट्स पॉलिसी:-
विश्वविद्यालय ने एक नई एवं आधुनिक स्पोर्ट्स पॉलिसी का निर्माण करवाया है, जिससे खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सदन ने इस पॉलिसी पर अपनी स्वीकृति प्रदान की।

5. आरटीआई फीस ऑनलाइन:-
अब छात्रों को अपनी कॉपी देखने के लिए ₹300 की फीस विश्वविद्यालय के कैश काउंटर पर जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यह शुल्क अब ऑनलाइन माध्यम से जमा किया जा सकेगा, जिससे पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।

6.दीक्षांत समारोह में104 पीएचडी व एक डी-लिट उपाधि:-
आगामी दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय 104 पीएचडी उपाधि एवं एक प्रतिष्ठित डी-लिट उपाधि प्रदान करेगा।

7. 82 स्वर्ण पदकों में महिलाओं का दबदबा:-
दीक्षांत समारोह में कुल 82 गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 69 मेडल महिलाओं को तथा 13 मेडल पुरुषों को प्रदान किए जाएंगे।
स्नातक स्तर पर 31 मेडल (27 महिला, 4 पुरुष)
परास्नातक स्तर पर 51 मेडल (42 महिला, 9 पुरुष)
यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री महेंद्र कुमार सिंह, वित्त अधिकारी श्री विनोद कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव, राज्यपाल नॉमिनी श्री घनश्याम खंडेलवाल, डीन एकेडमिक्स प्रो. एस.के. पांडे, प्रो. अजीत सिंह नैन, प्रो. आलोक श्रीवास्तव सहित सभी कार्य परिषद सदस्य उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. केपी सिंह ने अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय को शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं डिजिटल सुधारों की नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने NEP-2020 को ग्राउंड लेवल पर लागू करने, शिक्षक-कर्मचारियों के कल्याण, डिजिटलीकरण और खेल-सांस्कृतिक गतिविधियों में अभूतपूर्व प्रगति की है। आज लिए गए निर्णय उनकी दूरदर्शी सोच एवं सबको साथ लेकर चलने वाली कार्यशैली का प्रतीक हैं।

विश्वविद्यालय परिवार ने कुलपति प्रो. केपी सिंह के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया है तथा विश्वास जताया है कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय और भी गौरवशाली पथ पर अग्रसर होगा।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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