रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय प्रवेश समिति की बैठक में अहम फैसले, सत्र 2026-27 की नियमावली पारित

बरेली,15 जुलाई। महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में आज कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय प्रवेश समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश नियमावली को पारित करने सहित कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
प्रवेश नियमावली 2026-27 पारित:- नई नियमावली तीन खंडों (क, ख, ग) में तैयार की गई है, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश, आरक्षण, भारण (वेटेज), विषय चयन, क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर आरक्षण तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधी सभी नियम शामिल किए गए हैं। कला संकाय में विषयों का विभाजन:- संबद्ध महाविद्यालयों में कला संकाय के अंतर्गत विषयों को चार वर्गों में विभाजित किया गया है, जिससे छात्रों को विषय चयन में सुविधा होगी।
एम.एड. में सीधी मेरिट से प्रवेश:- एम.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश अब सीधे मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
डी.एल.एड. में पात्रता में छूट:- डी.एल.एड. में प्रवेश के लिए अब 50% अंक प्राप्त करने वाले छात्र भी अर्ह माने जाएंगे।
एनईपी-2020 के तहत एम.ए. में प्रवेश: – राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अब स्नातक उत्तीर्ण छात्र सीधे एम.ए. में प्रवेश ले सकेंगे।
बी.टेक. लेटरल एंट्री में नए अवसर:- बी.एससी. (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित) उत्तीर्ण अभ्यर्थी अब बी.टेक. लेटरल एंट्री में प्रवेश के पात्र होंगे।
एम.एससी. में अतिरिक्त सीटें:- विश्वविद्यालय परिसर में एम.एससी. रसायन विज्ञान, एम.एससी. पादप विज्ञान एवं एम.एससी. जीव विज्ञान में 10-10 अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी गई है।
उर्दू व संस्कृत बोर्ड के छात्रों को पात्रता:- जामिया उर्दू अलीगढ़ एवं महर्षि संदीपनी संस्कृत शिक्षा बोर्ड के 12वीं पास छात्र अब स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु अर्ह माने गए हैं।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने कहा कि “हमारा प्रयास है कि शिक्षा के क्षेत्र में हर वर्ग को समान अवसर मिले। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मंशा के अनुरूप हमने पारंपरिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पात्रता मानदंडों को अधिक लचीला और समावेशी बनाया है। ये निर्णय छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। मेरा विश्वास है कि नई प्रवेश नियमावली से विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बल मिलेगा।”
बैठक में उपस्थित गणमान्य:
कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार सिंह, प्रो. सुमित्रा कुकरेती, प्रो. एस.के. पाण्डेय, प्रो. संतोष अरोड़ा, प्रो. जे.एन. मौर्य, प्रो. वी.बी.एस. यादव, प्रो. उपेन्द्र कुमार, प्रो. अमित सिंह, प्रो. आरिष नदीम, प्रो. ओ.पी. राय, प्रो. दुष्यन्त कुमार, प्रो. यतेन्द्र कुमार, डॉ. प्रेम पाल सिंह, डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. प्रवीन सिंह आदि उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
