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गोंडा में सकारात्मक मनोविज्ञान पर व्याख्यान, छात्राओं ने आशा, क्षमा और कृतज्ञता जैसे विषयों पर रखे विचार

गोंडा: सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज, गोंडा में 20 अगस्त को मनोविज्ञान विभाग की ओर से सकारात्मक मनोविज्ञान विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एलबीएस पीजी कॉलेज गोंडा के मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. ममता शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

छात्राओं ने सकारात्मक मनोविज्ञान के पहलुओं पर रखे विचार

कार्यक्रम में मनोविज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई। मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं ने सकारात्मक मनोविज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें आशा, आंतरिक पहलू, क्षमा, करुणा, कृतज्ञता और सकारात्मक सोच जैसे विषय शामिल रहे।

महाविद्यालय की व्यवस्थापिका डॉ. आनन्दिता रजत ने मुख्य अतिथि डॉ. ममता शर्मा को बुके और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कर्म और विश्वास पर दिया जोर

मुख्य अतिथि डॉ. ममता शर्मा ने अपने संबोधन में छात्राओं को सकारात्मक मनोविज्ञान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने जीवन में कर्म और विश्वास को महत्वपूर्ण बताते हुए छात्राओं को अहम यानी ‘आई फैक्टर’ से दूर रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम में आयोजित प्रतियोगिता में 14 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसमें श्रेया मिश्रा ने प्रथम, यशी श्रीवास्तव ने द्वितीय और कनीज फातिमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल की ओर से विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

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सकारात्मक जीवनशैली को बताया सुखी जीवन का आधार

निर्णायक मंडल में डॉ. ममता शर्मा और डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम की रूपरेखा मनोविज्ञान विभाग की श्रीमती कंचनलता पाण्डेय ने तैयार की। विभाग की प्रवक्ता डॉ. साधना गुप्ता और डॉ. विमला के सहयोग से कार्यक्रम को व्यावहारिक रूप दिया गया।

डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि जीवनशैली सकारात्मक हो तो जीवन को सुखमय और सरल बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में श्रीमती रंजना बन्धु, डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. मौसमी सिंह, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. अमिता श्रीवास्तव, अनु उपाध्याय और सुनीता मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन ज्ञानस्थली गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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