यूपी में औद्योगिक विस्तार का मेगा प्लान! 10 नए इंडस्ट्रियल एरिया बनेंगे, निवेश और निर्यात को मिलेगा बड़ा सहारा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्लग एंड प्ले नीति के तहत प्रदेश में 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने अपना प्रस्ताव भेज दिया है। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि ये औद्योगिक क्षेत्र किन जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
पिकप भवन में आयोजित बैठक के दौरान उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के संयुक्त सचिव डॉ. जय प्रकाश शिवहरे ने बताया कि केंद्र सरकार देशभर में 100 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य कारोबार में सुगमता बढ़ाना और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।

देशभर में 100 नए औद्योगिक क्षेत्रों की तैयारी
केंद्र सरकार ने राज्यों से जुलाई तक नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के प्रस्ताव मांगे हैं। योजना के तहत पहले और दूसरे चरण में 25-25 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश ने भी इस महत्वाकांक्षी योजना में भागीदारी के लिए अपने प्रस्ताव भेजे हैं।
कारोबार को आसान बनाने की तैयारी
डॉ. शिवहरे ने बताया कि कारोबार में सुगमता को और बढ़ाने के लिए जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक 3.0 लाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि जन विश्वास 2.0 के तहत 717 प्रकार के औद्योगिक अपराधों में सीधे जेल भेजे जाने के प्रावधान को समाप्त किया जा चुका है, जिससे उद्योगों को राहत मिली है।
उन्होंने यह भी बताया कि बीते 12 वर्षों में देश के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सकारात्मक असर औद्योगिक विकास पर भी पड़ा है।
निर्यात के मामले में यूपी ने लगाई लंबी छलांग
इनवेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि निर्यात के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की स्थिति मजबूत हुई है। राज्य अब देश में निर्यात के मामले में 11वें स्थान से आगे बढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गया है।
बैठक के दौरान निर्यातकों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए गए। जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक में संभावित संशोधनों को लेकर उद्योग जगत की राय जानी गई ताकि कारोबारियों की समस्याओं का बेहतर समाधान निकाला जा सके।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकास पर फोकस

यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित सेक्टरों का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जा रहा है। एयरपोर्ट के संचालन से पहले सड़क, जलापूर्ति, सीवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे एयरपोर्ट आधारित उद्योगों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
46 नए सेक्टरों के लिए बनेगा सर्विस मास्टर प्लान
यमुना सिटी के भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए 46 नए सेक्टरों के लिए सर्विस मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जलापूर्ति, सीवर नेटवर्क, ड्रेनेज और अन्य शहरी सुविधाओं की विस्तृत रूपरेखा तैयार होगी। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए जा चुके हैं।
ईडब्ल्यूएस परिवारों को मिलेंगे किफायती फ्लैट
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए नई आवासीय परियोजना पर तेजी से काम कर रहा है। बिरौंडा और पतवाड़ी गांव के पास जमीन चिह्नित की गई है, जहां बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
करीब 30 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले फ्लैटों में लिफ्ट और दैनिक जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निम्न आय वर्ग के लोगों को बेहतर आवास मिल सकेगा।
हजारों श्रमिक परिवारों को मिलेगा फायदा
ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी ने बताया कि श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। जमीन चिह्नित होने के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस परियोजना से हजारों श्रमिक परिवारों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास का लाभ मिलने की उम्मीद है।
