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बाढ़ पूर्व तैयारियों को परखने के लिए गोंडा में मॉकड्रिल, एसडीआरएफ ने डूबते व्यक्ति का किया सफल रेस्क्यू

गोंडा, 11 जून 2026। बाढ़ से पहले आपदा प्रबंधन व्यवस्था की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को गोंडा जिले की तीन तहसीलों में मॉकड्रिल एवं एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया गया। तहसील तरबगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ऐलीपरसौली के मजरा गोडियन पुरवा में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में व्यापक राहत एवं बचाव अभ्यास कराया गया।

मॉकड्रिल का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों की तत्परता एवं समन्वय का परीक्षण करना था। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों की तैयारियों की जानकारी ली।

अभ्यास के दौरान एक व्यक्ति के नदी में डूबने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल भेजा गया। समय पर उपचार मिलने से व्यक्ति की जान बचा ली गई।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नावों, जीवन रक्षक उपकरणों, मेडिकल टीमों, पशु चिकित्सा दल, राशन वितरण, पशु चारा और दवा छिड़काव जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध रखे जाएं तथा राहत शिविरों की तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि बाढ़ के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, भोजन, चिकित्सा और आवास की सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना करने के निर्देश दिए।

मॉकड्रिल में एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, जल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया कि आपदा की स्थिति में किस प्रकार सतर्कता बरतनी चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कैसे करना चाहिए।

जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची, राहत सामग्री की उपलब्धता, नावों की स्थिति और संपर्क मार्गों की जानकारी भी ली। साथ ही निर्देश दिया कि सभी बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने पाए।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल पटेल, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी तरबगंज प्रदीप कुमार, क्षेत्राधिकारी तरबगंज, तहसीलदार, नायब तहसीलदार जयशंकर सिंह, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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