रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के बहुभाषा उत्कृष्टता केंद्र में लघुशोध प्रबंधों का सफल प्रस्तुतीकरण

बरेली,06जून। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के बहुभाषा उत्कृष्टता केंद्र (CoEMS) में एम.ए. फंक्शनल हिंदी अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा मौखिकी एवं लघुशोध प्रबंधों का सफल प्रस्तुतीकरण संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शोधकार्य के माध्यम से साहित्य, भाषा एवं संस्कृति के विविध आयामों पर उत्कृष्ट अध्ययन प्रस्तुत किया।

लघुशोध प्रबंधों के मूल्यांकन हेतु जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली के विद्वान एवं पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो० के.के. कौशिक बाह्य परीक्षक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए शोधकार्य की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि बहुभाषा उत्कृष्टता केंद्र के विद्यार्थी शोध एवं अकादमिक गतिविधियों में उल्लेखनीय क्षमता का परिचय दे रहे हैं। एम.ए. फंक्शनल हिंदी अंतिम वर्ष की छात्रा दीप्ति श्वेता द्वारा प्रस्तुत लघुशोध प्रबंध “पं० राधेश्याम कथावाचक के साहित्य में लोकभाषा, लोकसंस्कृति एवं नाट्य तत्त्वों का अध्ययन” को विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत सराहा गया। शोधकार्य में पंडित राधेश्याम कथावाचक के साहित्यिक अवदान, लोकजागरण में उनकी भूमिका तथा हिंदी साहित्य के विकास में उनके योगदान का गहन अध्ययन किया गया। प्रो. कौशिक ने विशेष रूप से छात्रा श्वेता के शोधकार्य की सराहना करते हुए इसे गंभीर अध्ययन, मौलिक दृष्टि और शोधपरक अनुशीलन का विशिष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। आंतरिक परीक्षक के रूप में कृष्ण केतन एवं डॉ० राहुल कुमार उपस्थित रहे।
महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मल्टीलिंगुअल स्टडीज (CoEMS) में संचालित रोजगारपरक स्नातकोत्तर (एम.ए.) पाठ्यक्रमों (दो वर्ष) में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए एम.ए. फंक्शनल हिन्दी तथा एम.ए. पाली पाठ्यक्रमों में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भाषा एवं साहित्य के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना है, जिससे वे विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में अपने लिए बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
एम.ए. फंक्शनल हिन्दी पाठ्यक्रम मीडिया, पत्रकारिता, जनसंचार, विज्ञापन, अनुवाद, कंटेंट राइटिंग, प्रकाशन तथा प्रशासनिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं विकसित करता है। वहीं एम.ए. पाली पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को शोध, उच्च शिक्षा, बौद्ध अध्ययन, सांस्कृतिक अध्ययन, पुरातत्व, संग्रहालयों तथा अकादमिक संस्थानों में कैरियर बनाने के अवसर प्रदान करता है।

नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बहुविषयक एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भाषा दक्षता, शोध क्षमता, संचार कौशल तथा व्यावसायिक योग्यता विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा।
एम.ए. पाठ्यक्रमों में 40-40 सीट हैं तथा वार्षिक शुल्क रू. 7550/- है l प्रवेश के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट
http://mjpruadm.samarth.edu.in
पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।। आवेदन की प्रक्रिया 01 जून 2026 से प्रारंभ हो गई है।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी मानविकी विभाग, महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से संपर्क कर सकते हैं।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
