किडनी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रही हैं ये 7 आदतें, समय रहते नहीं संभले तो बढ़ सकता है गंभीर बीमारी का खतरा
नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती लापरवाही के कारण किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक किडनी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का महत्वपूर्ण काम करती है, लेकिन रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें धीरे-धीरे इसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। कई बार लोग शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
ज्यादा नमक का सेवन बढ़ा सकता है खतरा

अत्यधिक नमक खाने से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर पर असर पड़ता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसके कामकाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अधिक प्रोटीन वाली डाइट भी बन सकती है समस्या
नॉनवेज और हाई-प्रोटीन खाद्य पदार्थों का जरूरत से ज्यादा सेवन किडनी पर अतिरिक्त भार डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अत्यधिक प्रोटीन लेने से किडनी स्टोन और अन्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
ओवरईटिंग से बढ़ता है किडनी डैमेज का जोखिम
जरूरत से ज्यादा भोजन करने की आदत मोटापे को बढ़ावा देती है। बढ़ता वजन न केवल हृदय और डायबिटीज से जुड़ी समस्याएं पैदा करता है, बल्कि किडनी की सेहत को भी प्रभावित कर सकता है।
बिना डॉक्टर की सलाह दवाएं लेना पड़ सकता है भारी
सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य छोटी-मोटी समस्याओं में बार-बार पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन किडनी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। डॉक्टरों की सलाह के बिना दवाओं का उपयोग करने से बचना चाहिए।
शराब और सॉफ्ट ड्रिंक्स का अधिक सेवन हानिकारक

नियमित और अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन लिवर के साथ-साथ किडनी को भी प्रभावित करता है। वहीं अधिक मात्रा में कोल्ड ड्रिंक और शुगर युक्त पेय पदार्थ भी शरीर के लिए नुकसानदेह माने जाते हैं।
यूरिन रोककर रखना बढ़ा सकता है संक्रमण का खतरा
काफी देर तक पेशाब रोककर रखने से मूत्राशय पर दबाव बढ़ता है। इससे संक्रमण और यूरिन रिफ्लक्स जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जो आगे चलकर किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
तंबाकू और सिगरेट से बढ़ता है किडनी रोग का जोखिम
तंबाकू और सिगरेट में मौजूद हानिकारक तत्व शरीर में विषैले पदार्थों का स्तर बढ़ाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर किडनी के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
पानी कम या बहुत ज्यादा पीना दोनों ही नुकसानदायक
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना जरूरी है। बहुत कम पानी पीने से शरीर में विषैले तत्व जमा हो सकते हैं, जबकि जरूरत से अधिक पानी पीना भी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। संतुलित मात्रा में पानी का सेवन सबसे बेहतर माना जाता है।
