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एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के विधि विभाग में एलएलएम के तीन नए विशेषीकृत कोर्स शुरू, साइबर लॉ व कॉरपोरेट लॉ पर रहेगा फोकस

बरेली, 13जून।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के विधि विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से एलएलएम स्तर पर तीन नए रोजगारपरक एवं विशेषीकृत पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की घोषणा की है। राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल द्वारा अनुमति एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह की स्वीकृति के बाद विधि विभाग अब
एल एल एम (साइबर लॉ), एलएलएम (बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉ)
एलएलएम (एग्जीक्यूटिव)

जैसे नए कोर्स संचालित करेगा।

विधि विभागाध्यक्ष प्रो अमित सिंह ने बताया कि डिजिटल युग की मांग को देखते हुए एलएलएम साइबर लॉ दो वर्षीय को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इस कोर्स में छात्रों को डेटा प्रोटेक्शन लॉ, आईटी एक्ट, ए आई एंड लॉ, साइबर अपराध, डिजिटल एविडेंस तथा इंटरनेशनल साइबर लॉ फ्रेमवर्क जैसे समसामयिक विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा। इसमें 96 क्रेडिट हैं और कोर्स फीस तीस हजार रुपए प्रति सेमेस्टर है। इसका उद्देश्य साइबर विशेषज्ञ अधिवक्ता एवं कंसल्टेंट तैयार करना है।

इसी क्रम में एलएलएम बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉ एक वर्षीय पाठ्यक्रम कॉरपोरेट जगत की जरूरतों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। इसमें 48 क्रैडिट हैं और कोर्स फीस चालीस हज़ार प्रति सेमेस्टर है। इसके अंतर्गत डब्ल्यूटीओ, सेबी रेगुलेशन्स, सरफेसी एक्ट, कम्पटीशन लॉ, ई-कॉमर्स लीगल फ्रेमवर्क, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस लॉ तथा फाइनेंस मैनेजमेंट जैसे विषयों को शामिल किया गया है। यह कोर्स कंपनी सेक्रेटरी, लीगल एडवाइजर व कॉरपोरेट लॉयर बनने के इच्छुक छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

तीसरा महत्वपूर्ण कोर्स एलएलएम एग्जीक्यूटिव है, जिसे विशेष रूप से सेवारत अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, बैंक व कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यरत विधि स्नातकों आदि के लिए तैयार किया गया है। विभागाध्यक्ष प्रो अमित सिंह ने बताया कि वर्किंग प्रोफेशनल्स की सुविधा के लिए इस कोर्स में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन इवनिंग क्लासेस तथा हाइब्रिड मोड में अध्ययन की व्यवस्था की गई है। इससे नौकरीपेशा लोग भी बिना अपनी सेवा बाधित किए उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस पाठयक्रम में पचास प्रतिशत भाग प्रैक्टिकल एवं बाकी पचास प्रतिशत थ्योरी है।

ये तीनों नए कोर्स नई शिक्षा नीति ( एन ई पी) 2020 के अनुरूप हैं और छात्रों को पारंपरिक वकालत के अलावा उभरते हुए विधिक क्षेत्रों में कॅरियर बनाने का अवसर देंगे।

प्रवेश प्रक्रिया व पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी
https://mjpruadm.samarth.edu.in/index.php
पर अपलोड कर दी गई है । उक्त वेबसाइट पर जाकर पहले 150 रूपये का रजिस्ट्रेशन करवाना है फिर 900 रूपये प्रवेश परीक्षा शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 15/06/26 है। प्रवेश परीक्षा तिथि 27/ 06/ 26 प्रस्तावित है। एडमिट कार्ड डाउनलोड कर प्रवेश परीक्षा सेंटर पर देनी है। 90 मिनट की प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी।

विधि संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो अमित सिंह ने बताया है कि 1987 से विश्वविद्यालय परिसर में संचालित विधि विभाग पिछले 40 वर्षों से अनवरत विधि शिक्षा में देश एवं प्रदेश में न्यायिक सेवा,वकालत एवं उच्च शिक्षा में अपना योगदान दे रहा हैं। 38 बैच स्टूडेंट्स, 400 से अधिक यू.जी.सी नेट पास, 70 न्यायिक अधिकारी एवं 500 से अधिक यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज शिक्षक विभाग से शिक्षा लेकर भारत निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में 11 पाठ्यक्रमो में 450 से अधिक विद्यार्थी एवं 62 शोधकर्ता विभाग में अध्ययन एवं शोध कार्य कर रहे हैं। विभाग में कुल 18 शिक्षक है।

एक नजर में नए कोर्स:-
– एलएलएम साइबर लॉ: डेटा प्रोटेक्शन, एआई लॉ, साइबर क्राइम
– एलएलएम बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉ: WTO, SEBI, सरफेसी, कम्पटीशन लॉ, ई-कॉमर्स
– एलएलएम एग्जीक्यूटिव: वर्किंग लोगों के लिए, हाइब्रिड/इवनिंग क्लासेस, ऑनलाइन क्लासेस
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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