दीक्षांत समारोह से पूर्व विश्वविद्यालय में मियावाकी पद्धति से स्थापित होगा सुगंधित उपवन, पत्रकारों ने रोपे पौधे

बरेली,01अगस्त। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में आगामी 4 अगस्त को होने वाले दीक्षांत समारोह के पूर्व विश्वविद्यालय परिसर को हरा-भरा एवं सुगंधित बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल की गई। विश्वविद्यालय के नवनिर्मित स्वर्ण जयंती द्वार के अंदर मियावाकी पद्धति से एक सुंदर उपवन स्थापित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज विभिन्न समाचार पत्रों एवं न्यूज़ चैनलों के पत्रकारों ने स्वर्ण जयंती द्वार से प्रवेश करते ही खुशबूदार फूलों वाले मधुकामिनी पौधों को रोपकर इस अभियान की शुरुआत की।

इस उपवन के तैयार हो जाने के पश्चात विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही पुष्पों की सुगंध से पूरा वातावरण महक उठेगा, जो विश्वविद्यालय को एक प्राकृतिक एवं शांतिपूर्ण आभा प्रदान करेगा। पत्रकारों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भी विभिन्न प्रकार के पौधों को रोपकर इस पर्यावरणीय पहल में सहभागिता निभाई।
कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह का संदेश:- इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने अपने संदेश में कहा –

“यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि हमारे विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह जैसे महत्वपूर्ण अवसर से पूर्व पर्यावरण संरक्षण की इस सार्थक पहल ने एक नई दिशा प्रदान की है। मियावाकी पद्धति से स्थापित यह उपवन न केवल परिसर की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि जैव-विविधता एवं पर्यावरणीय संतुलन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मैं सभी पत्रकारों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया। आओ, हम सब मिलकर अपने विश्वविद्यालय को एक हरित एवं स्वच्छ परिसर के रूप में विकसित करें।”
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित गणमान्य जनों को फलाहार कराया गया। इस अवसर पर श्री आशीष दीक्षित, श्री संजीव गंभीर, श्री देश दीपक गंगवार, श्री परमीत सिंह मल्होत्रा, प्रो. जे एन मौर्य, प्रो. एसके पाण्डेय, प्रो. त्रिलोचन शर्मा, प्रो. अख्तर हुसैन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, शिक्षकगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
