महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली की परीक्षा समिति बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

बरेली, 26 जुलाई। महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में आज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं परीक्षा प्रणाली से जुड़े अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिनसे विश्वविद्यालय के हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

बैठक में सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के शैक्षणिक वर्ष को खराब होने से बचाने के लिए स्पेशल बैक परीक्षा आयोजित करने पर सहमति बनी। उल्लेखनीय है कि स्नातक स्तर पर यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रश्न आधारित तथा स्नातकोत्तर स्तर पर लिखित परीक्षा के माध्यम से कराई गई थी, जिसकी स्पेशल बैक परीक्षा कराने की स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त, वर्ष 2026 की वार्षिक प्रणाली के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों की परीक्षा एवं शेष प्रायोगिक/मौखिक परीक्षाओं के आयोजन पर भी सहमति बनी।
बैठक का सबसे अहम और भविष्योन्मुखी निर्णय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ा रहा। विश्वविद्यालय ने सैद्धांतिक रूप से AI आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू करने पर सहमति जताई। इसके तहत विश्वविद्यालय सर्वप्रथम पायलट रन के तौर पर विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज में मिड-सेमेस्टर AI आधारित इवैलुएशन सिस्टम को कार्यान्वित करेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय में एक फूलप्रूफ (पूर्णतया सुरक्षित) AI आधारित मूल्यांकन पद्धति तैयार करने तथा AI आधारित परीक्षा नीति (Exam Policy) बनाने पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में को-करिकुलर विषयों के लिए 75% अंक लिखित परीक्षा एवं 25% अंक आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
विश्वविद्यालय ने अब एक शैक्षणिक सत्र में दो बार (फॉल सीजन एवं स्प्रिंग सीजन) में कुछ पाठ्यक्रमों में छात्रों के प्रवेश (एडमिशन) करने की सैद्धांतिक सहमति भी दी, जो NEP-2020 की दिशा में एक बड़ा कदम है।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत खेलकूद, एनसीसी, एनएसएस आदि गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्रों, जो विश्वविद्यालय की अनुमति से प्रतिभाग हेतु जाते हैं, की क्षतिपूर्ति (परीक्षा के अवसर) हेतु विश्वविद्यालय बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उनकी परीक्षा आयोजित करने पर सहमत हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने कहा :
“शिक्षकों को सदैव छात्रों के प्रति ‘पैरेंटल मोड’ (माता-पिता जैसा वात्सल्य) में रहना चाहिए तथा छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए हर निर्णय लेना चाहिए। शिक्षा का केंद्र बिंदु छात्र ही है और हमारा प्रत्येक प्रयास उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित होना चाहिए।”
बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव, डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर एस.के. पांडे, प्रोफेसर मनोज कुमार सिंह, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. सौरभ वर्मा, डॉ. रामकेवल, प्रोफेसर अनुपम मेहरोत्रा, प्रोफेसर तूलिका सक्सेना, सहायक कुलसचिव श्री एल.एस. भंडारी, उप कुलसचिव श्रीमती सुनीता यादव तथा ऑनलाइन माध्यम से डॉ. कनिका पांडे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
