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भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव! BSF-BGB आमने-सामने, घुसपैठ को लेकर दोनों देशों के सुरक्षा बलों में आरोप-प्रत्यारोप तेज

नई दिल्ली: भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक बार फिर तनावपूर्ण हालात बन गए हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने एक-दूसरे पर अवैध घुसपैठ कराने और लोगों को सीमा पार भेजने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस विवाद के बीच महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग सीमा की जीरो-लाइन पर फंसे हुए हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके प्रत्यावर्तन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज की गई है।

BGB का दावा- भारत की ओर से लोगों को धकेलने की कोशिश

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने शुक्रवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने गुरुवार और शुक्रवार के बीच कई बार लोगों को बांग्लादेशी क्षेत्र में भेजने का प्रयास किया। BGB के अनुसार, पश्चिम बंगाल से सटे कई सीमावर्ती इलाकों में ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं।

बांग्लादेशी अधिकारियों का दावा है कि लालमोनिरहाट, पंचगढ़, नौगांव और चापाइनवाबगंज से जुड़े सीमाई क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान कई लोगों को बांग्लादेश में प्रवेश करने से रोका गया। BGB के मुताबिक, जीरो-लाइन पर 70 से अधिक लोगों को रोककर रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि नौगांव क्षेत्र में 5 बच्चों समेत 17 लोगों को रोका गया, जबकि लालमोनिरहाट के विभिन्न इलाकों में 33 लोगों को सीमा पार करने से रोका गया। इसके अलावा चापाइनवाबगंज क्षेत्र में 10 महिलाओं और 6 बच्चों सहित 28 लोगों को भी जीरो-लाइन पर रोकने का दावा किया गया है।

BSF ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने BGB के आरोपों को खारिज कर दिया है। BSF का कहना है कि बांग्लादेश की ओर से महिलाओं और बच्चों सहित 10 लोगों को भारतीय सीमा में अवैध रूप से प्रवेश कराने का प्रयास किया गया था, जिसे जवानों ने विफल कर दिया।

BSF के अनुसार, घटना पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के मेखलीगंज क्षेत्र के पनिशाला इलाके में हुई। सुरक्षा बल ने संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की तैनाती भी की है, ताकि किसी प्रकार की अवैध घुसपैठ को रोका जा सके।

सीमा पर फंसे लोगों को लेकर बढ़ी चिंता

सबसे गंभीर स्थिति उन लोगों की है जो वर्तमान में जीरो-लाइन पर फंसे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के सुरक्षा बल इन लोगों को अपना नागरिक मानने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे में महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग खुले वातावरण में सीमा क्षेत्र में रहने को मजबूर हैं।

इस बीच सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में दोनों देशों के सुरक्षा बलों के जवान सीमा पर मौजूद लोगों के संबंध में बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।

फ्लैग मीटिंग पर भी नहीं बनी सहमति

स्थिति को सामान्य बनाने के लिए BSF ने फ्लैग मीटिंग आयोजित करने का प्रयास किया था। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार BGB ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर निगरानी और गश्त को और सख्त कर दिया है।

दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी निगाहें

सीमा पर बढ़े तनाव के बीच अब दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों की आगामी बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 से 11 जून तक नई दिल्ली में 57वीं भारत-बांग्लादेश सीमा समन्वय बैठक आयोजित की जानी है।

माना जा रहा है कि इस बैठक में सीमा पर फंसे लोगों, कथित घुसपैठ और दोनों सुरक्षा बलों के आरोप-प्रत्यारोप जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गतिरोध को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय और संवाद बेहद अहम होगा।

 

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